सूरह 61 · जुज़ 28
As-Saff · 61:7
وَمَنْ أَظْلَمُ مِمَّنِ افْتَرَىٰ عَلَى اللَّهِ الْكَذِبَ وَهُوَ يُدْعَىٰ إِلَى الْإِسْلَامِ ۚ وَاللَّهُ لَا يَهْدِي الْقَوْمَ الظَّالِمِينَ
और उससे अधिक अत्याचारी कौन होगा, जो झूठ घड़े अल्लाह पर, जबकि वह बुलाया जा रहा हो इस्लाम की ओर और अल्लाह मार्गदर्शन नहीं देता अत्याचारी जाति को।
तफ़सीर
और उससे अधिक अत्याचारी कोई नहीं है, जो अल्लाह के विरुद्ध झूठ गढ़े और उसके समकक्ष ठहराकर उसे छोड़कर उनकी पूजा करे, जबकि उसे अल्लाह के लिए विशुद्ध एकेश्वरवाद के धर्म इस्लाम की ओर बुलाया जा रहा है। और अल्लाह उन लोगों को हिदायत और सत्य का रास्ता नहीं दिखाता, जो शिर्क और गुनाहों के द्वारा अपने आप पर अत्याचार करने वाले हैं।
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