सूरह 61 · जुज़ 28
As-Saff · 61:11
تُؤْمِنُونَ بِاللَّهِ وَرَسُولِهِ وَتُجَاهِدُونَ فِي سَبِيلِ اللَّهِ بِأَمْوَالِكُمْ وَأَنْفُسِكُمْ ۚ ذَٰلِكُمْ خَيْرٌ لَكُمْ إِنْ كُنْتُمْ تَعْلَمُونَ
तुम ईमान लाओ अल्लाह तथा उसके रसूल पर और जिहाद करो अल्लाह की राह में अपने धनों और प्राणों से, यही तुम्हारे लिए उत्तम है, यदि तुम जानो।
तफ़सीर
यह लाभदायक व्यापार यह है कि तुम अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान ले आओ, और उसकी प्रसन्नता तलाश करते हुए, अपने धन को खर्च करके और अपनी जान न्योछावर करके, उसके मार्ग में जिहाद करो। यह उपर्युक्त कार्य तुम्हारे लिए बेहतर है। यदि तुम जानते हो, तो इसके लिए जल्दी करो।
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