सूरह 61 · जुज़ 28
As-Saff · 61:1
سَبَّحَ لِلَّهِ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ ۖ وَهُوَ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ
अल्लाह की पवित्रता का गान करती है, जो वस्तु आकाशों तथा धरती में है और वह प्रभुत्वशाली, गुणी है।
तफ़सीर
आकाशों और धरती में जो कुछ है, सबने अल्लाह के हर उस चीज़ से पाक एवं पवित्र होने का गान किया, जो उसकी महिमा के योग्य नहीं है। और वह प्रभुत्वशाली है, जिसे कोई परास्त नहीं कर सकता, वह अपनी रचना, तक़दीर एवं शरीयत में हिकमत वाला है।
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