सूरह 6 · जुज़ 8
Al-An'am · 6:115
وَتَمَّتْ كَلِمَتُ رَبِّكَ صِدْقًا وَعَدْلًا ۚ لَا مُبَدِّلَ لِكَلِمَاتِهِ ۚ وَهُوَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ
आपके पालनहार की बात सत्य तथा न्याय की है, कोई उसकी बात (नियम) बदल नहीं सकता और वह सबकुछ सुनने-जानने वाला है।
तफ़सीर
क़ुरआन बातों और ख़बरों में सत्य की पराकाष्ठा को पहुँचा हुआ है। उसकी बातों को कोई बदलने वाला नहीं। वह अपने बंदों की बातों को सुनने वाला, उन्हें जानने वाला है। इसलिए उनमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है, और वह उन लोगों को बदला देगा जो उसकी बातों को बदलने की चेष्टा करते हैं।
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