सूरह 59 · जुज़ 28

Al-Hashr · 59:3

وَلَوْلَا أَنْ كَتَبَ اللَّهُ عَلَيْهِمُ الْجَلَاءَ لَعَذَّبَهُمْ فِي الدُّنْيَا ۖ وَلَهُمْ فِي الْآخِرَةِ عَذَابُ النَّارِ

और यदि अल्लाह ने न लिख दिया होता उन (के भाग्य में) देश निकाला, तो उन्हें यातना दे देता संसार (ही) में तथा उनके लिए अख़िरत (परलोक) में नरक की यातना है।

तफ़सीर

और अगर अल्लाह ने उनपर उन्हें उनके घरों से बाहर निकाल दिया जाना न लिख दिया होता, तो निश्चय वह दुनिया में उन्हें क़त्ल और क़ैद की सज़ा देता, और उनके लिए आख़िरत में आग की यातना है, जो उनकी प्रतीक्षा कर रही है, जिसमें वे हमेशा के लिए रहेंगे।

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