सूरह 57 · जुज़ 27
Al-Hadid · 57:1
سَبَّحَ لِلَّهِ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۖ وَهُوَ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ
अल्लाह की पवित्रता का गान करता है, जो भी आकाशों तथा धरती में है और वह प्रबल, गुणी है।
तफ़सीर
आकाशों और धरती में अल्लाह की जो भी सृष्टि है, सब उसकी पाकी एवं पवित्रता का गान करती हैं। और वह सब पर प्रभुत्वशाली है जिसे कोई पराजित नहीं कर सकता, अपनी रचना और तक़दीर (नियति) में पूर्ण हिकमत वाला है।
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