सूरह 55 · जुज़ 27
Ar-Rahman · 55:58
كَأَنَّهُنَّ الْيَاقُوتُ وَالْمَرْجَانُ
जैसे वह हीरे और मोंगे हों।
तफ़सीर
वे इतनी सुंदर और निखरे हुए रंग की होंगी, मानो माणिक और मूँगा हैं।
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सूरह 55 · जुज़ 27
كَأَنَّهُنَّ الْيَاقُوتُ وَالْمَرْجَانُ
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