सूरह 55 · जुज़ 27
Ar-Rahman · 55:31
سَنَفْرُغُ لَكُمْ أَيُّهَ الثَّقَلَانِ
और शीघ्र ही हम पूर्णतः आकर्षित हो जायेंगे तुम्हारी ओर, हे (धरती के) दोनों बोझ[1] (जन्नो और मनुष्यो!)[2]
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1. इस वाक्या का अर्थ मुह़ावरे में धमकी देना और सावधान करना है। 2. इस में प्रलय के दिन की ओर संकेत है जब सब मनुष्यों और जिन्नों के कर्मों का ह़िसाब लिया जायेगा।
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1. इस वाक्या का अर्थ मुह़ावरे में धमकी देना और सावधान करना है। 2. इस में प्रलय के दिन की ओर संकेत है जब सब मनुष्यों और जिन्नों के कर्मों का ह़िसाब लिया जायेगा।
तफ़सीर
हम जल्द ही (ऐ जिन्नो और इनसानो!) तुम्हारे हिसाब के लिए फ़ारिग़ होंगे और हर एक को वह सवाब या सज़ा देंगे, जिसका वह हक़दार है।
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