सूरह 54 · जुज़ 27
Al-Qamar · 54:5
حِكْمَةٌ بَالِغَةٌ ۖ فَمَا تُغْنِ النُّذُرُ
ये (क़ुर्आन) पूर्णतः तत्वदर्शिता (ज्ञान) है, फिर भी नहीं काम आयी उनके, चेतावनियाँ।
तफ़सीर
उनके पास जो कुछ आया, वह पूर्णतया हिकमत है, ताकि उनके खिलाफ तर्क स्थापित हो जाए। परंतु चेतावनियाँ उन लोगों को लाभ नहीं पहुँचातीं, जो अल्लाह और आख़िरत के दिन पर ईमान नहीं रखते हैं।
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