सूरह 52 · जुज़ 27
At-Tur · 52:49
وَمِنَ اللَّيْلِ فَسَبِّحْهُ وَإِدْبَارَ النُّجُومِ
तथा रात्री में (भी) उसकी पवित्रता का वर्णन करें और तारों के डूबने के[1] पश्चात् (भी)।
____________________
1. रात्री में तथा तारों के डूबने के समय से संकेत मग़्रिब तथा इशा और फ़ज्र की नमाज़ की ओर है जिन में यह सब नमाजें भी आती हैं।
____________________
1. रात्री में तथा तारों के डूबने के समय से संकेत मग़्रिब तथा इशा और फ़ज्र की नमाज़ की ओर है जिन में यह सब नमाजें भी आती हैं।
तफ़सीर
और रात की कुछ घड़ियों में भी उसकी पवित्रता बयान करें और उसके लिए नमाज़ पढ़ें, तथा जब प्रातःकाल की सफ़ेदी के कारण सितारे फीके पड़कर ओझल हो जाएँ, तो फ़ज्र की नमाज़ पढ़ें।
पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें