सूरह 52 · जुज़ 27
At-Tur · 52:44
وَإِنْ يَرَوْا كِسْفًا مِنَ السَّمَاءِ سَاقِطًا يَقُولُوا سَحَابٌ مَرْكُومٌ
यदि वे देख लें कोई खण्ड आकाश से गिरता हुआ, तो कहेंगे कि तह पर तह बादल है।[1]
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1. अर्थात तब भी अपने कुफ़्र से नहीं रुकेंगे जब तक कि उन पर यातना न आ जाये।
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1. अर्थात तब भी अपने कुफ़्र से नहीं रुकेंगे जब तक कि उन पर यातना न आ जाये।
तफ़सीर
और अगर वे आसमान से कोई टुकड़ा गिरता हुआ देख लें, तो उसके बारे में कहेंगे : यह एक बादल है जो हमेशा की तरह परत पर परत है। इसलिए वे सीख ग्रहण नहीं करते और न ईमान लाते हैं।
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