सूरह 52 · जुज़ 27
At-Tur · 52:16
اصْلَوْهَا فَاصْبِرُوا أَوْ لَا تَصْبِرُوا سَوَاءٌ عَلَيْكُمْ ۖ إِنَّمَا تُجْزَوْنَ مَا كُنْتُمْ تَعْمَلُونَ
इसमें प्रवेश कर जाओ, फिर सहन करो या सहन न करो, तुमपर समान है। तुम उसी का बदला दिये जा रहे हो, जो तुम कर रहे थे।
तफ़सीर
इस आग की गर्मी का स्वाद चखो और उसे भुगतो। उसकी गर्मी को सहने में धैर्य से काम लो या उसके साथ धैर्य मत रखो, तुम्हारे लिए धैर्य रखना और न रखना दोनों बराबर हैं। आज तुम्हें केवल उसी का बदला दिया जाएगा, जो तुम दुनिया में कुफ़्र और पाप किया करते थे।
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