सूरह 50 · जुज़ 26
Qaf · 50:45
نَحْنُ أَعْلَمُ بِمَا يَقُولُونَ ۖ وَمَا أَنْتَ عَلَيْهِمْ بِجَبَّارٍ ۖ فَذَكِّرْ بِالْقُرْآنِ مَنْ يَخَافُ وَعِيدِ
तथा हम भली-भाँति जानते हैं उसे, जो कुछ वे कर रहे हैं और आप उन्हें बलपूर्वक मनवाने के लिए नहीं हैं। तो आप शिक्षा दें क़ुर्आन द्वारा उसे, जो डरता हो मेरी यातना से।
तफ़सीर
हम उसे अधिक जानने वाले हैं, जो कुछ ये झुठलाने वाले कहते हैं। और (ऐ रसूल!) आप उनपर कोई थोपे हुए नहीं हैं कि उन्हें ईमान लाने पर मजबूर करें। आप तो केवल उस चीज़ को पहुँचाने वाले हैं, जिसे पहुँचाने का अल्लाह ने आपको आदेश दिया है। अतः आप क़ुरआन के साथ उस व्यक्ति को उपदेश दें, जो काफ़िरों और अवज्ञाकारियों के लिए मेरी धमकी से डरता है; क्योंकि डरने वाला ही याद दिलाए जाने (उपदेश दिए जाने) पर याद करता और उपदेश ग्रहण करता है।
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