सूरह 50 · जुज़ 26

Qaf · 50:27

۞ قَالَ قَرِينُهُ رَبَّنَا مَا أَطْغَيْتُهُ وَلَٰكِنْ كَانَ فِي ضَلَالٍ بَعِيدٍ

उसके साथी (शैतान) ने कहाः हे हमारे पालनहार! मैंने इसे कुपथ नहीं किया, परन्तु, वह स्वयं दूर के कुपथ में था।

तफ़सीर

शैतानों में से उसका साथी उससे अलगाव प्रकट करते हुए कहेगा : ऐ हमारे पालनहार! मैंने उसे गुमराह नहीं किया था। परंतु वह खुद ही सत्य से परे दूर की गुमराही में पड़ा हुआ था।

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