सूरह 50 · जुज़ 26
Qaf · 50:23
وَقَالَ قَرِينُهُ هَٰذَا مَا لَدَيَّ عَتِيدٌ
तथा कहा उसके साथी[1] नेः ये है, जो मेरे पास तैयार है।
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1. साथी से अभिप्राय वह फ़रिश्ता है जो संसार में उस का कर्म लिख रहा था। वह उस का कर्म पत्र उपस्थित कर देगा।
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1. साथी से अभिप्राय वह फ़रिश्ता है जो संसार में उस का कर्म लिख रहा था। वह उस का कर्म पत्र उपस्थित कर देगा।
तफ़सीर
और फ़रिश्तों में से उसपर नियुक्त उसका साथी कहेगा : यह मेरे पास उसके काम का विवरण है, जो बिना किसी कमी-बेशी के मौजूद है।
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