सूरह 50 · जुज़ 26
Qaf · 50:19
وَجَاءَتْ سَكْرَةُ الْمَوْتِ بِالْحَقِّ ۖ ذَٰلِكَ مَا كُنْتَ مِنْهُ تَحِيدُ
आ पहुँची मौत की अचेतना (बे होशी) सत्य लेकर। ये वही है, जिस से तू भाग रहा था।
तफ़सीर
और मौत की सख़्ती उस सच्चाई के साथ आ गई, जिससे बचने का कोई उपाय नहीं है। यही है वह जिससे (ऐ बेख़बर इनसान!) तू कतराता और भागता था।
पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें