सूरह 50 · जुज़ 26
Qaf · 50:14
وَأَصْحَابُ الْأَيْكَةِ وَقَوْمُ تُبَّعٍ ۚ كُلٌّ كَذَّبَ الرُّسُلَ فَحَقَّ وَعِيدِ
तथा ऐका के वासियों ने और तुब्बअ[1] की जाति ने। प्रत्येक ने झुठलाया[2] रसूलों को। अन्ततः, सच हो गयी (उनपर) हमारी धमकी।
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1. देखियेः सूरह दुख़ान, आयतः37। 2. इन आयतों में इन जातियों के विनाश की चर्चा कर के क़ुर्आन और नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को न मानने के परिणाम से सावधान किया गया है।
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1. देखियेः सूरह दुख़ान, आयतः37। 2. इन आयतों में इन जातियों के विनाश की चर्चा कर के क़ुर्आन और नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को न मानने के परिणाम से सावधान किया गया है।
तफ़सीर
शुऐब अलैहिस्सलाम की जाति 'ऐका' वालों ने और यमन के राजा तुब्ब' की जाति के लोगों ने (अपने रसूल को) झुठलाया। इन सभी जातियों के लोगों ने अल्लाह के उन रसूलों को झुठलाया जिन्हें उसने भेजा था। सो उनपर अल्लाह के अज़ाब का वादा साबित (प्रमाणित) हो गया।
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