सूरह 47 · जुज़ 26
Muhammad · 47:24
أَفَلَا يَتَدَبَّرُونَ الْقُرْآنَ أَمْ عَلَىٰ قُلُوبٍ أَقْفَالُهَا
तो क्या लोग सोच-विचार नहीं करते या उनके दिलों पर ताले लगे हुए हैं?
तफ़सीर
तो इन मुँह फेरने वालों ने क़ुरआन पर विचार क्यों नहीं किया और उस पर ध्यान क्यों नहीं दिया जो उसमें है?! यदि वे उसपर विचार करते, तो वह अवश्य उन्हें सभी अच्छाइयों का मार्गदर्शन करता और उन्हें सभी बुराइयों से दूर रखता। या फिर उनके दिलों पर मज़बूत ताले पड़े हुए हैं, जिसके कारण कोई उपदेश उन तक नहीं पहुँचता और न कोई याददहानी उन्हें लाभ देती है।
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