सूरह 44 · जुज़ 25
Ad-Dukhan · 44:59
فَارْتَقِبْ إِنَّهُمْ مُرْتَقِبُونَ
अतः, आप प्रतीक्षा करें,[1] वे भी प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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1. अर्थात परिणाम की।
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1. अर्थात परिणाम की।
तफ़सीर
अतः आप अपनी जीत और उनके विनाश की प्रतीक्षा करें। निःसंदेह वे (भी) आपके विनाश की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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