सूरह 44 · जुज़ 25
Ad-Dukhan · 44:50
إِنَّ هَٰذَا مَا كُنْتُمْ بِهِ تَمْتَرُونَ
यही वह चीज़ है, जिसमें तुम संदेह कर रहे थे।
तफ़सीर
यह वही यातना है, जिसके क़ियामत के दिन घटित होने के बारे में तुम संदेह करते थे। परंतु अब उसे अपनी आँखों से देखकर तुम्हारा संदेह दूर हो गया।
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