सूरह 44 · जुज़ 25

Ad-Dukhan · 44:35

إِنْ هِيَ إِلَّا مَوْتَتُنَا الْأُولَىٰ وَمَا نَحْنُ بِمُنْشَرِينَ

हमें तो बस प्रथम बार मरना है तथा हम फिर जीवित नहीं किये जायेंगे।

तफ़सीर

यह केवल हमारी पहली मृत्यु है, इसके बाद कोई जीवन नहीं है। तथा हम इस मृत्यु के बाद पुनर्जीवित नहीं किए जाएँगे।

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