सूरह 44 · जुज़ 25

Ad-Dukhan · 44:27

وَنَعْمَةٍ كَانُوا فِيهَا فَاكِهِينَ

तथा सुख के साधन, जिनमें वे आन्नद ले रहे थे।

तफ़सीर

और वे अपने पीछे कितनी ही सुख-सामग्रियाँ छोड़ गए, जिनका वे आनंद ले रहे थे।

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