सूरह 44 · जुज़ 25
Ad-Dukhan · 44:2
وَالْكِتَابِ الْمُبِينِ
शपथ है इस खुली पुस्तक की।
तफ़सीर
अल्लाह ने सत्य का मार्ग दर्शाने वाले क़ुरआन की क़सम खाई है।
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सूरह 44 · जुज़ 25
وَالْكِتَابِ الْمُبِينِ
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