सूरह 40 · जुज़ 24
Ghafir · 40:30
وَقَالَ الَّذِي آمَنَ يَا قَوْمِ إِنِّي أَخَافُ عَلَيْكُمْ مِثْلَ يَوْمِ الْأَحْزَابِ
तथा उसने कहा, जो ईमान लायाः हे मेरी जाति! मैं तुमपर डरता हूँ (अगले) समुदायों के दिन जैसे (दिन)[1] से।
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1. अर्थात उन की यातना के दिन जैसे दिन से।
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1. अर्थात उन की यातना के दिन जैसे दिन से।
तफ़सीर
और उस व्यक्ति ने, जो ईमान लाया था, अपनी जाति को नसीहत करते हुए कहा : यदि तुम मुसा को नाहक़ मार देते हो, तो मुझे डर है कि तुमपर भी उसी प्रकार की यातना आ जाए, जिस प्रकार की यातना उन लोगों पर आई थी, जिन्होंने अपने रसूलों के विरुद्ध हुड़दंग की थी और अल्लाह ने उन्हें हलाक कर दिया था।
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