सूरह 40 · जुज़ 24

Ghafir · 40:3

غَافِرِ الذَّنْبِ وَقَابِلِ التَّوْبِ شَدِيدِ الْعِقَابِ ذِي الطَّوْلِ ۖ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ ۖ إِلَيْهِ الْمَصِيرُ

पाप क्षमा करने, तौबा स्वीकार करने, क्षमायाचना का स्वीकारी, कड़ी यातना देने वाला, समाई वाला, जिसके सिवा कोई ( सच्चा) वंदनीय नहीं। उसी की ओर (सबको) जाना है।

तफ़सीर

जो पापियो के पापों को क्षमा करने वाला है, अपने तौबा करने वाले बंदों की तौबा कबूल करने वाला है, तौबा न करने वालों को कड़ी सज़ा देने वाला है, उपकार और अनुग्रह करने वाला है। उसके सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं। केवल उसी की ओर क़ियामत के दिन सारी मख़लूकों को लौटकर जाना है, जिन्हें वह उनके कर्म अनुसार बदला देगा।

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