सूरह 40 · जुज़ 24

Ghafir · 40:21

۞ أَوَلَمْ يَسِيرُوا فِي الْأَرْضِ فَيَنْظُرُوا كَيْفَ كَانَ عَاقِبَةُ الَّذِينَ كَانُوا مِنْ قَبْلِهِمْ ۚ كَانُوا هُمْ أَشَدَّ مِنْهُمْ قُوَّةً وَآثَارًا فِي الْأَرْضِ فَأَخَذَهُمُ اللَّهُ بِذُنُوبِهِمْ وَمَا كَانَ لَهُمْ مِنَ اللَّهِ مِنْ وَاقٍ

क्या वह चले-फिरे नहीं धरती में, ताकि देखते कि कैसा रहा उनका परिणाम, जो इनसे पूर्व थे? वे इनसे अधिक थे बल में तथा अधिक चिन्ह छोड़ गये धरती में। तो पकड़ लिया अल्लाह ने उन्हें उनके पापों के कारण और नहीं था उनके लिए अल्लाह से कोई बचाने वाला।

तफ़सीर

क्या ये बहुदेववादी धरती में चले-फ़िरे नहीं, ताकि ग़ौर करते कि इनसे पहले झुठलाने वाली जातियों का अंजाम कैसा रहा। अवश्य उनका अंत बहुत बुरा था। वे लोग इनसे अधिक ताकतवर थे, तथा धरती में ऐसे-ऐसे महल तैयार किए हुए थे, जो इनसे संभव नहीं हुए। फिर भी अल्लाह ने उनके पापों के कारण उनका विनाश कर दिया और कोई उन्हें अल्लाह की यातना से बचा न सका।

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