सूरह 4 · जुज़ 5

An-Nisa · 4:41

فَكَيْفَ إِذَا جِئْنَا مِنْ كُلِّ أُمَّةٍ بِشَهِيدٍ وَجِئْنَا بِكَ عَلَىٰ هَٰؤُلَاءِ شَهِيدًا

तो क्या दशा होगी, जब हम प्रत्येक उम्मत (समुदाय) से एक साक्षी लायेंगे और (हे नबी!) आपको उनपर (बनाकर) साक्षी लायेंगे[1]।
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1. आयत का भावार्थ यह है कि प्रलय के दिन अल्लाह प्रत्येक समुदाय के रसूल को उन के कर्म का साक्षी बनायेगा। इस प्रकार मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को भी अपने समुदाय पर साक्षी बनायेगा। तथा सब रसूलों पर कि उन्हों ने अपने पालनहार का संदेश पहुँचाया है। (इब्ने कसीर)

तफ़सीर

तो क़यामत के दिन क्या हाल होगा, जब हम हर समुदाय के नबी को इस बात की गवाही देने के लिए लाएँगे जो कुछ उन्होंने किया है, और - ऐ नबी! - हम आपको आपकी उम्मत पर गवाह की हैसियत से पेश करेंगे?

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