सूरह 4 · जुज़ 5
An-Nisa · 4:140
وَقَدْ نَزَّلَ عَلَيْكُمْ فِي الْكِتَابِ أَنْ إِذَا سَمِعْتُمْ آيَاتِ اللَّهِ يُكْفَرُ بِهَا وَيُسْتَهْزَأُ بِهَا فَلَا تَقْعُدُوا مَعَهُمْ حَتَّىٰ يَخُوضُوا فِي حَدِيثٍ غَيْرِهِ ۚ إِنَّكُمْ إِذًا مِثْلُهُمْ ۗ إِنَّ اللَّهَ جَامِعُ الْمُنَافِقِينَ وَالْكَافِرِينَ فِي جَهَنَّمَ جَمِيعًا
और उस (अल्लाह) ने तुम्हारे लिए अपनी पुस्तक (क़ुर्आन) में ये आदेश उतार[1] दिया है कि जब तुम सुनो कि अल्लाह की आयतों को अस्वीकार किया जा रहा है तथा उनका उपहास किया जा रहा है, तो उनके साथ न बैठो, यहाँ तक कि वे दूसरी बात में लग जायें। निःसंदेह, तुम उस समय उन्हीं के समान हो जाओगे। निश्चय अल्लाह मुनाफ़िक़ों (द्विधावादियों) तथा काफ़िरों, सबको नरक में एकत्र करने वाला है।
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1. अर्थात सूरह अन्आम आयत संख्या 68 में।
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1. अर्थात सूरह अन्आम आयत संख्या 68 में।
तफ़सीर
- ऐ मोमिनो! - अल्लाह ने तुम्हारे लिए पवित्र क़ुरआन में अवतरित किया है कि जब तुम किसी सभी में बैठो और वहाँ किसी को अल्लाह की आयतों का इनकार करते हुए और उनका मज़ाक़ उड़ाते हुए सुनो; तो उनके साथ न बैठो और वहाँ से उठकर चल दो, यहाँ तक कि वे अल्लाह की आयतों का इनकार और उनका मज़ाक़ छोड़कर कोई दूसरी बात शुरू कर दें। यदि तुमने ऐसा नहीं किया और सब कुछ सुनने के बावजूद बैठे रहे, तो उन्हीं की तरह अल्लाह के आदेश का उल्लंघन करने वाले बन जाओगे। क्योंकि तुमने वहाँ बैठकर अल्लाह की अवज्ञा की है, जिस तरह कि उन्होंने कुफ़्र करके अल्लाह की अवज्ञा की है। निःसंदेह, अल्लाह मुनाफ़िक़ों को जो ईमान को प्रदर्शित करते और कुफ़्र को गुप्त रखते हैं, क़यामत के दिन काफ़िरों के साथ जहन्नम में एकत्रित करेगा।
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