सूरह 4 · जुज़ 4
An-Nisa · 4:1
يَا أَيُّهَا النَّاسُ اتَّقُوا رَبَّكُمُ الَّذِي خَلَقَكُمْ مِنْ نَفْسٍ وَاحِدَةٍ وَخَلَقَ مِنْهَا زَوْجَهَا وَبَثَّ مِنْهُمَا رِجَالًا كَثِيرًا وَنِسَاءً ۚ وَاتَّقُوا اللَّهَ الَّذِي تَسَاءَلُونَ بِهِ وَالْأَرْحَامَ ۚ إِنَّ اللَّهَ كَانَ عَلَيْكُمْ رَقِيبًا
हे मनुष्यों! अपने[1] उस पालनहार से डरो, जिसने तुम्हें एक जीव (आदम) से उत्पन्न किया तथा उसीसे उसकी पत्नी (हव्वा) को उत्पन्न किया और उन दोनों से बहुत-से नर-नारी फैला दिये। उस अल्लाह से डरो, जिसके द्वारा तुम एक-दूसरे से (अधिकार) मांगते हो तथा रक्त संबंधों को तोड़ने से डरो। निःसंदेह अल्लाह तुम्हारा निरीक्षक है।
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1. यहाँ से सामाजिक व्यवस्था का नियम बताया गया है कि विश्व के सभी नर-नारी एक ही माता पिता से उत्पन्न किये गये हैं। इस लिये सब समान हैं। और सब के साथ अच्छा व्यवहार तथा भाई-चारे की भावना रखनी चाहिये। यह उस अल्लाह का आदेश है जो तुम्हारे मूल का उत्पत्तिकार है। और जिस के नाम से तुम एक दूसरे से अपना अधिकार माँगते हो कि अल्लाह के लिये मेरी सहायता करो। फिर इस साधारण संबंध के सिवा गर्भाशयिक अर्थात समीपवर्ती परिवारिक संबंध भी हैं, जिन्हें जोड़ने पर अधिक बल दिया गया है। एक ह़दीस में है कि संबंध-भंगी स्वर्ग में नहीं जायेगा। (सह़ीह़ बुख़ारीः5984, मुस्लिमः2555) इस आयत के पश्चात् कई आयतों में इन्हीं अल्लाह के निर्धारित किये मानव अधिकारों का वर्णन किया जा रहा है।
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1. यहाँ से सामाजिक व्यवस्था का नियम बताया गया है कि विश्व के सभी नर-नारी एक ही माता पिता से उत्पन्न किये गये हैं। इस लिये सब समान हैं। और सब के साथ अच्छा व्यवहार तथा भाई-चारे की भावना रखनी चाहिये। यह उस अल्लाह का आदेश है जो तुम्हारे मूल का उत्पत्तिकार है। और जिस के नाम से तुम एक दूसरे से अपना अधिकार माँगते हो कि अल्लाह के लिये मेरी सहायता करो। फिर इस साधारण संबंध के सिवा गर्भाशयिक अर्थात समीपवर्ती परिवारिक संबंध भी हैं, जिन्हें जोड़ने पर अधिक बल दिया गया है। एक ह़दीस में है कि संबंध-भंगी स्वर्ग में नहीं जायेगा। (सह़ीह़ बुख़ारीः5984, मुस्लिमः2555) इस आयत के पश्चात् कई आयतों में इन्हीं अल्लाह के निर्धारित किये मानव अधिकारों का वर्णन किया जा रहा है।
तफ़सीर
ऐ लोगो! अपने पालनहार से डरो। क्योंकि वही है जिसने तुम्हें एक जान से पैदा किया जो तुम्हारे पिता आदम हैं। और आदम से उनकी पत्नी तुम्हारी माँ हव्वा को पैदा किया। और उन दोनों से पृथ्वी के कोनों में बहुत-से पुरुषों और महिलाओं को फैला दिए। और उस अल्लाह से डरो जिसके नाम पर तुम एक-दूसरे से यह कहते हुए माँगते हो : मैं अल्लाह के नाम पर तुझसे ऐसा करने के लिए कहता हूँ। तथा रिश्ते-नाते को तोड़ने से बचो, जो तुम्हें आपस में जोड़ता है। निःसंदेह अल्लाह तुम्हारा निरीक्षण कर रहा है। अतः तुम्हारा कोई काम उससे ओझल नहीं होता, बल्कि वह उन्हें गिनकर रखता है और तुम्हें उनका बदला देगा।
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