सूरह 39 · जुज़ 24
Az-Zumar · 39:73
وَسِيقَ الَّذِينَ اتَّقَوْا رَبَّهُمْ إِلَى الْجَنَّةِ زُمَرًا ۖ حَتَّىٰ إِذَا جَاءُوهَا وَفُتِحَتْ أَبْوَابُهَا وَقَالَ لَهُمْ خَزَنَتُهَا سَلَامٌ عَلَيْكُمْ طِبْتُمْ فَادْخُلُوهَا خَالِدِينَ
तथा भेज दिये जायेंगे, जो लोग डरते रहे अपने पालनहार से, स्वर्ग की ओर झुण्ड बनाकर। यहाँतक कि जब वे आ जायेंगे उसके पास तथा खोल दिये जायेंगे उसके द्वार और कहेंगे उनसे उसके रक्षकः सलाम है तुमपर, तुम प्रसन्न रहो। तुम प्रवेश कर जाओ उसमें, सदावासी होकर।
तफ़सीर
और फ़रिश्ते उन मोमिनों को, जो अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसकी मना की हुई वस्तुओं से बचकर उससे डरते थे, सम्मानित गिरोहों की शक्ल में, बड़ी विनम्रता से, जन्नत की ओर ले जाएँगे। यहाँ तक कि जब वे वहाँ पहुँच जाएँगे, तो जन्नत के द्वार खोल दिए जाएँगे, और वहाँ नियुक्त फ़रिश्ते उनसे कहेंगेः तुम्हारे लिए हर कष्ट तथा हर अप्रिय वस्तु से सलामती है। तुम्हारे दिल एवं कर्म पवित्र हैं। अतः, जन्नत में हमेशा रहने को प्रवेश कर जाओ।
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