सूरह 39 · जुज़ 23

Az-Zumar · 39:6

خَلَقَكُمْ مِنْ نَفْسٍ وَاحِدَةٍ ثُمَّ جَعَلَ مِنْهَا زَوْجَهَا وَأَنْزَلَ لَكُمْ مِنَ الْأَنْعَامِ ثَمَانِيَةَ أَزْوَاجٍ ۚ يَخْلُقُكُمْ فِي بُطُونِ أُمَّهَاتِكُمْ خَلْقًا مِنْ بَعْدِ خَلْقٍ فِي ظُلُمَاتٍ ثَلَاثٍ ۚ ذَٰلِكُمُ اللَّهُ رَبُّكُمْ لَهُ الْمُلْكُ ۖ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ ۖ فَأَنَّىٰ تُصْرَفُونَ

उसने तुम्हें पैदा किया एक प्राण से, फिर बनाया उसीसे उसका जोड़ा तथा अवतरित किये तुम्हारे लिए पशुओं में से आठ जोड़े। वह पैदा करता है तुम्हें तुम्हारी माताओं के गर्भाषयों में एक रूप में, एक रूप के पश्चात्, तीन अंधेरों में, यही अल्लाह है तुम्हारा पालनहार, उसी का राज्य है। कोई ( सच्चा) वंदनीय नहीं, उसके सिवा। तो तुम कहाँ फिराये जा रहे हो?

तफ़सीर

(ऐ लोगो!) तुम्हारे पालनहार ने तुम्हें एक जान अर्थात् आदम से पैदा किया। फिर आदम से उनकी पत्नी ह़व्वा को पैदा किया। तथा तुम्हारे लिए ऊँटों, गायों, भेड़ों और बकरियों से आठ क़िस्म के जानवर पैदा किए, इनमें से हर प्रकार से नर और मादा बनाए। वह पवित्र अल्लाह तुम्हें तुम्हारी माताओं के पेटों में चरण-दर-चरण, पेट, गर्भाशय और झिल्ली के अंधेरों में पैदा करता है। वह जिसने यह सब पैदा किया, वही अल्लाह तुम्हारा पालनहार है। केवल उसी का राज्य है। उसके सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं। तो तुम उसकी इबादत से मुँह मोड़कर ऐसे लोगों की इबादत की ओर कैसे फिरे जाते हो, जो कुछ भी पैदा नहीं कर सकते, बल्कि वे खुद पैदा किए जाते हैं?!

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