सूरह 39 · जुज़ 24
Az-Zumar · 39:59
بَلَىٰ قَدْ جَاءَتْكَ آيَاتِي فَكَذَّبْتَ بِهَا وَاسْتَكْبَرْتَ وَكُنْتَ مِنَ الْكَافِرِينَ
हाँ, आईं तुम्हारे पास मेरी निशानियाँ, तो तुमने उन्हें झुठला दिया और अभिमान किया तथा तुम थे ही काफ़िरों में से।
तफ़सीर
तुम्हारी यह हिदायत की कामना सच्ची नहीं है। क्योंकि तुम्हारे पास हमारी निशानियाँ आई थीं, तो तुमने उन्हें झुठला दिया था और अभिमान किया था तथा तुम थे ही अल्लाह, उसकी निशानियों और उसके रसूलों का इनकार करने वाले लोग।
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