सूरह 38 · जुज़ 23

Sad · 38:13

وَثَمُودُ وَقَوْمُ لُوطٍ وَأَصْحَابُ الْأَيْكَةِ ۚ أُولَٰئِكَ الْأَحْزَابُ

तथा समूद और लूत की जाति एवं वन के वासियों[1] ने। यही सेनायें हैं।
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1. इस से अभिप्राय शुऐब (अलैहिस्सलाम) की जाति है। (देखियेः सूरह शुअरा, आयतः176)

तफ़सीर

तथा समूद ने झुठलाया, और लूत की जाति ने झुठलाया, और शुऐब की जाति ने झुठलाया। यही लोग वे गिरोह (सेनाएँ) हैं, जो अपने रसूलों को झुठलाने और उनके लाए हुए संदेश का इनकार करने पर एकजुट हुए।

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