सूरह 38 · जुज़ 23
Sad · 38:11
جُنْدٌ مَا هُنَالِكَ مَهْزُومٌ مِنَ الْأَحْزَابِ
ये एक तुच्छ सेना है, यहाँ प्राजित सेनाओं[1] में से।
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1. अर्थात इन मक्का वासियों के पराजित होने में देर नहीं लगेगी।
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1. अर्थात इन मक्का वासियों के पराजित होने में देर नहीं लगेगी।
तफ़सीर
मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को झुठलाने वाले ये लोग एक पराजित सेना हैं, अपने से पूर्व की उन सेनाओं की तरह, जिन्होंने अपने रसूलों को झुठलाया था।
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