सूरह 37 · जुज़ 23
As-Saffat · 37:79
سَلَامٌ عَلَىٰ نُوحٍ فِي الْعَالَمِينَ
सलाम (सुरक्षा)[1] है नूह़ के लिए समस्त विश्ववासियों में।
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1. अर्थात उस की बुरी चर्चा से।
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1. अर्थात उस की बुरी चर्चा से।
तफ़सीर
नूह़ अलैहिस्सलाम के लिए इस बात से सुरक्षा और सलामती है कि बाद में आने वाली जातियों के लोग उनके बारे में कोई बुरी बात कहें। बल्कि सदा उनके लिए प्रशंसा और अच्छा स्मरण ही बाक़ी रहेगा।
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