सूरह 37 · जुज़ 23
As-Saffat · 37:75
وَلَقَدْ نَادَانَا نُوحٌ فَلَنِعْمَ الْمُجِيبُونَ
तथा हमें पुकारा नूह़ नेः तो हम क्या ही अच्छे प्रार्थना स्वीकार करने वाले हैं।
तफ़सीर
और हमारे नबी नूह अलैहिस्सलाम ने हमें पुकारा, जब उन्होंने अपनी झुठलाने वाली जाति के ख़िलाफ बद्दुआ की। तो निश्चय हम अच्छे दुआ स्वीकार करने वाले हैं। चुनाँचे हमने उनके विरुद्ध उनकी बद्दुआ को स्वीकार करने में जल्दी की।
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