सूरह 37 · जुज़ 23
As-Saffat · 37:57
وَلَوْلَا نِعْمَةُ رَبِّي لَكُنْتُ مِنَ الْمُحْضَرِينَ
और यदि मेरे पालनहार का अनुग्रह न होता, तो मैं (नरक के) उपस्थितों में होता।
तफ़सीर
अगर अल्लाह ने ईमान के लिए मार्गदर्शन और उसका सामर्थ्य प्रदान करके मुझपर उपकार न किया होता, तो मैं भी तेरी तरह यातना में उपस्थित किए गए लोगों में शामिल होता।
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