सूरह 37 · जुज़ 23
As-Saffat · 37:170
فَكَفَرُوا بِهِ ۖ فَسَوْفَ يَعْلَمُونَ
(फिर जब आ गयी) तो उन्होंने क़ुर्आन के साथ कुफ़्र कर दिया, अतः, शीघ्र ही उन्हें ज्ञान हो जायेगा।
तफ़सीर
167-170 - मक्का के मुश्रिक मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के नबी बनाए जाने से पहले कहा करते थे : अगर हमारे पास पहले लोगों की किताबों, उदाहरण के तौर पर तौरात, जैसी कोई किताब होती; तो हम अल्लाह ही के लिए इबादत को ख़ालिस करते। जबकि वे इस बारे में झूठे हैं। क्योंकि उनके पास मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम क़ुरआन लेकर आए, परंतु उन्होंने उसका इनकार कर दिया। अतः शीघ्र ही वे उस गंभीर यातना को जान लेंगे जो क़ियामत के दिन उनकी प्रतीक्षा कर रही है।
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