सूरह 37 · जुज़ 23
As-Saffat · 37:164
وَمَا مِنَّا إِلَّا لَهُ مَقَامٌ مَعْلُومٌ
और नहीं है हम (फ़रिश्तों) में से कोई, परन्तु उसका एक नियमित स्थान है।
तफ़सीर
फ़रिश्तों ने अल्लाह के प्रति अपनी दासता और मुश्रिकों के दावों से अपने बरी होने को स्पष्ट करते हुआ कहा : हममें से प्रत्येक व्यक्ति का अल्लाह की इबादत और उसकी आज्ञाकारिता में एक नियत स्थान है।
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