सूरह 37 · जुज़ 23
As-Saffat · 37:158
وَجَعَلُوا بَيْنَهُ وَبَيْنَ الْجِنَّةِ نَسَبًا ۚ وَلَقَدْ عَلِمَتِ الْجِنَّةُ إِنَّهُمْ لَمُحْضَرُونَ
और उन्होंने बना दिया अल्लाह तथा जिन्नों के मध्य, वंश-संबंध। जबकि जिन्न स्वयं जानते हैं कि वे अल्लाह के समक्ष निश्चय उपस्थित किये[1] जायेंगे।
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1. अर्थात यातना के लिये। तो यदि वे उस के संबंधी होते तो उन्हें यातना क्यों देता?
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1. अर्थात यातना के लिये। तो यदि वे उस के संबंधी होते तो उन्हें यातना क्यों देता?
तफ़सीर
मुश्रिकों ने यह दावा करके कि फ़रिश्ते अल्लाह की बेटियाँ हैं, अल्लाह और फ़रिश्तों के बीच, जो उनसे पोशीदा हैं, रिश्तेदारी बना दी। हालाँकि फ़रिश्तों को मालूम है कि अल्लाह मुश्रिकों को हिसाब के लिए ज़रूर हाज़िर करेगा।
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