सूरह 37 · जुज़ 23

As-Saffat · 37:150

أَمْ خَلَقْنَا الْمَلَائِكَةَ إِنَاثًا وَهُمْ شَاهِدُونَ

अथवा किया हमने पैदा किया है फ़रिश्तों को नारियाँ और वे उस समय उपस्थित[1] थे?
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1. इस में मक्का के मिश्रणवादियों का खण्डन किया जा रहा है जो फ़रिश्तों को देवियाँ तथा अल्लाह की पुत्रियाँ कहते थे। जब कि वह स्वयं पुत्रियों के जन्म को अप्रिय मानते थे।

तफ़सीर

उन्होंने कैसे दावा किया कि फ़रिश्ते मादा हैं, जबकि वे उनकी रचना के समय उपस्थित नहीं थे और उन्होंने उनकी रचना को नहीं देखा है?!

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