सूरह 37 · जुज़ 23
As-Saffat · 37:144
لَلَبِثَ فِي بَطْنِهِ إِلَىٰ يَوْمِ يُبْعَثُونَ
तो वह रह जाता उसके उदर में उस दिन तक, जब सब पुनः जीवित किये[1] जायेंगे।
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1. अर्थात प्रयल के दिन तक। (देखियेः सूरह अम्बिया, आयतः87)
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1. अर्थात प्रयल के दिन तक। (देखियेः सूरह अम्बिया, आयतः87)
तफ़सीर
तो वह मछली के पेट में क़ियामत के दिन तक रहते और वही उनकी क़ब्र बन जाता।
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