सूरह 37 · जुज़ 23
As-Saffat · 37:14
وَإِذَا رَأَوْا آيَةً يَسْتَسْخِرُونَ
और जब देखते हैं कोई निशानी, तो उपहास करने लगते हैं।
तफ़सीर
और जब वे नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की कोई निशानी देखते हैं, जो आपके सच्चे होने को दर्शाती है, तो उसका खूब मज़ाक़ उड़ाते हैं और उस पर आश्चर्य प्रकट करते हैं।
पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें