सूरह 37 · जुज़ 23
As-Saffat · 37:128
إِلَّا عِبَادَ اللَّهِ الْمُخْلَصِينَ
किन्तु, अल्लाह के शुध्द भक्त।
तफ़सीर
परंतु उनकी जाति में से जो व्यक्ति मोमिन और अल्लाह की इबादत में इख़्लास (निष्ठा) से काम लेने वाला है; तो वह यातना में उपस्थित किए जाने से मुक्ति पाने वाला है।
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