सूरह 37 · जुज़ 23

As-Saffat · 37:10

إِلَّا مَنْ خَطِفَ الْخَطْفَةَ فَأَتْبَعَهُ شِهَابٌ ثَاقِبٌ

परन्तु, जो ले उड़े कुछ, तो पीछा करती है उसका दहकती ज्वाला।[1]
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1. फिर यदि उस से बचा रह जाये तो आकाश की बात अपने नीचे के शैतानों तक पहूँचाता है और वह उसे काहिनों तथा ज्योतिषियों को बताते हैं। फिर वह उस में सौ झूठ मिला कर लोगों को बताते हैं। (सह़ीह़ बुख़ारीः 6213, सह़ीह़ मुस्लिमः2228)

तफ़सीर

परंतु यह कि कोई शैतान अचानक किसी बात को उचक ले जाए। जो कि वह बात होती है, जिसके विषय में फ़रिश्ते आपस में बातचीत करते हैं और उनके बीच उसकी चर्चा होती है और उसकी जानकारी धरती के लोगों तक नहीं पहुँची होती है। तो ऐसी स्थिति में एक उज्ज्वल उल्का उसका पीछा करता है और उसे जला देता है। कभी तो वह शैतान उल्का के द्वारा जलाए जाने से पहले उस बात को अपने भाइयों तक पहुँचा देता है। फिर वह बात काहिनों तक पहुँच जाती है, जो उसमें सौ झूठ मिला देते हैं।

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