सूरह 36 · जुज़ 22
Ya-Sin · 36:9
وَجَعَلْنَا مِنْ بَيْنِ أَيْدِيهِمْ سَدًّا وَمِنْ خَلْفِهِمْ سَدًّا فَأَغْشَيْنَاهُمْ فَهُمْ لَا يُبْصِرُونَ
तथा हमने बना दी है उनके आगे एक आड़ और उनके पीछे एक आड़। फिर ढाँक दिया है उनको, तो[1] वे देख नहीं रहे हैं।
____________________
1. अर्थात सत्य की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, और न उस से लाभान्वित हो रहे हैं।
____________________
1. अर्थात सत्य की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, और न उस से लाभान्वित हो रहे हैं।
तफ़सीर
और हमने उनके सामने, सत्य से रोकने वाली एक रुकावट और उनके पीछे एक रुकावट खड़ी कर दी है। इस तरह हमने उनकी आँखों को सत्य देखने से ढाँप दिया है। अतः वे ऐसी दृष्टि से नहीं देखते हैं जिससे वे लाभान्वित हो सकें। उनके साथ ऐसा तब हुआ जब कुफ़्र पर उनका आग्रह और हठ दिखाई दिया।
पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें