सूरह 36 · जुज़ 22

Ya-Sin · 36:22

وَمَا لِيَ لَا أَعْبُدُ الَّذِي فَطَرَنِي وَإِلَيْهِ تُرْجَعُونَ

तथा मुझे क्या हुआ है कि मैं उसकी इबादत (वंदना) न करूँ, जिसने मुझे पैदा किया है? और तुमसब उसी की ओर फेरे जाओगे।[1]
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1. अर्थात मैं तो उसी की वंदना करता हूँ। और करता रहूँगा। और उसी की वंदना करनी भी चाहिये। क्यों कि वही वंदना किये जाने के योग्य है। उस के अतिरिक्त कोई वंदना के योग्य हो ही नहीं सकता।

तफ़सीर

तथा उस शुभचिंतक ने कहा : मुझे उस अल्लाह की इबादत से कौन-सी चीज़ रोकती है, जिसने मुझे पैदा किया है?! और तुम्हें अपने उस पालनहार की उपासना से कौन-सी चीज़ रोकती है, जिसने तुम्हें पैदा किया है, जबकि तुम सब पुनर्जीवित कर बदले के लिए अकेले उसी की ओर लौटाए जाओगे?!

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