सूरह 35 · जुज़ 22
Fatir · 35:35
الَّذِي أَحَلَّنَا دَارَ الْمُقَامَةِ مِنْ فَضْلِهِ لَا يَمَسُّنَا فِيهَا نَصَبٌ وَلَا يَمَسُّنَا فِيهَا لُغُوبٌ
जिसने हमें उतार दिया स्थायी घर में अपने अनुग्रह से। नहीं छूएगी उसमें हमें कोई आपदा और न छूएगी उसमें कोई थकान।
तफ़सीर
जिसने हमें सदैव रहने के स्थान में - जिसके बाद कोई स्थानान्तरण नहीं है - मात्र अपनी कृपा से उतारा, हमारी ताकत या शक्ति से नहीं। यहाँ हमें कोई थकान या परेशानी नहीं होती है।
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