सूरह 34 · जुज़ 22
Saba · 34:8
أَفْتَرَىٰ عَلَى اللَّهِ كَذِبًا أَمْ بِهِ جِنَّةٌ ۗ بَلِ الَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ بِالْآخِرَةِ فِي الْعَذَابِ وَالضَّلَالِ الْبَعِيدِ
उसने बना ली है अल्लाह पर एक मिथ्या बात अथवा वह पागल हो गया है। बल्कि जो विश्वास (ईमान) नहीं रखते आख़िरत (परलोक) पर, वे यातना[1] तथा दूर के कुपथ में हैं।
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1. अर्थात इस का दुष्परिणाम नरक की यातना है।
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1. अर्थात इस का दुष्परिणाम नरक की यातना है।
तफ़सीर
तथा उन्होंने कहा : क्या इस व्यक्ति ने अल्लाह पर कोई झूठ गढ़ लिया है, जिसके कारण वह हमारी मृत्यु के पश्चात हमारे पुनर्जीवित किए जाने का दावा कर रहा है, या वह पागल हो गया है, जो ऐसी बात कह रहा है जिसकी कोई सच्चाई नहीं है? बात ऐसी नहीं है, जैसा कि इन्होंने दावा किया है, बल्कि बात यह है कि जो लोग आख़िरत पर विश्वास नहीं रखते, वे क़ियामत के दिन सख्त यातना में होंगे तथा दुनिया में वे सत्य से बहुत दूर की गुमराही में हैं।
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