सूरह 34 · जुज़ 22
Saba · 34:49
قُلْ جَاءَ الْحَقُّ وَمَا يُبْدِئُ الْبَاطِلُ وَمَا يُعِيدُ
आप कह दें कि सत्य आ गया और असत्य न (कुछ का) आरंभ कर सकता है और न (उसे) पुनः ला सकता है।
तफ़सीर
(ऐ रसूल) आप इन झुठलाने वाले मुश्रिकों से कह दें : सत्य अर्थात इस्लाम आ गया और असत्य (झूठ) जिसका कोई प्रभाव या शक्ति दिखाई नहीं देती, वह मिट गया और वह कभी अपने प्रभाव में वापस नहीं आएगा।
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